INR (₹)
India Rupee
$
United States Dollar

वात पित कफ क्या होता है?

Created by Asttrolok in Astrology 30 Aug 2023
Share
Views: 1319
वात पित कफ क्या होता है?
आयुर्वेद अनुसार हमारी बॉडी में तीन तरह के दोष होते हैं वात दोष, पित्त दोष, कफ दोष। अगर इन दोषों का संतुलन बिगड़ जाता है तो व्यक्ति बीमार पड़ जाता है। स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति के तीनो दोषों का संतुलन बने रहना बहुत जरुरी है। कफ व्यक्ति के ऊपर के भाग में होता है, पित्त व्यक्ति के मध्य भाग में और बात व्यक्ति के नीचे के भाग में।
क्या आप ऑनलाइन सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी की तलाश कर रहे हैं? हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषी द्वारा ज्योतिष परामर्श के लिएअभी संपर्क करें।



वात दोष क्या है

आकाश और वायु तत्व से मिलकर वात दोष बना है। ये बहुत महत्वपूर्ण दोष है। हमारी बॉडी में गति से जुडी जो भी प्रक्रिया होती है वो वात दोष से ही होती है। ये  आंत और पेट में होता है।

वात बढ़ने के कारण

खराब खान पान के कारण।

  • छींक और मल-मूत्र रोकना।

  • पहले का खाना पचने से पहले फिर से खा लेना।

  • तेल बोलने और रात को देर से सोने के कारण।

  • हद से ज्यादा मेहनत करने के कारण।

  • गाडी चलाते वक्त तेज झटके लगना।

  • कडवी और तेज तीखी चीजों का ज्यादा सेवन करने के कारण।

  • ड्राई फ्रूट्स अधिक खाने के कारण।

  • हमेशा चिंता करना।

  • अधिक सेक्स करना।

  • बहुत ज्यादा ठंडी चीजो का सेवन करना।

  • उपवास रखना।



वात बढ़ जाने के लक्षण

बॉडी पार्ट्स में जकडन और रूखापन होना।

  • सुई जैसा चुभता दर्द होना।

  • हड्डी टूटना या खिसकना।

  • हड्डियों की सभी जोड़ो में ढीलापन आ जाना।

  • अंगो में कपकपी और कमजोरी लगना।

  • अंगो का सुन्न हो जाना।

  • कब्ज होना।

  • मुंह का कडवा होना।



वात दोष वाले क्या न खाएं

ब्राउन राइस, जौ, बाजरा और मक्का न खाएं।

  • फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली आदि न खाएं।

  • ब्लैक टी, कोल्ड कॉफ़ी, फ्रूट जूस सर्दी में न पिएं।

  • केला और नाशपाती न खाएं।


वात दोष को संतुलन में लाने के उपाय


तेल, घी और फैट वाले चीजे खाएं।


  • अदरक, तिल, लहसुन,गेंहूं, गुड़ से बनी चीजे खाएं।

  • मक्खन, छाछ, पनीर और गाय का दूध पिए।

  • ड्राई फ्रूट्स को घी में तलकर खाएं।

  • कद्दू के बीज, बादाम, सूरजमुखी और तिल के बीज भिगोकर खा लें।

  • खीर, शकरकंद, चुकंदर, गाजर, पालक आदि खाएं।

  • राजमा , मूंग दाल और सोया दूध का सेवन करे।

  • एक निश्चित रूटीन बना लें।

  • कुछ देर सुबह की धूप में टहलें।

  • रोज योग करे।

  • रोज गुनगुने तेल से मसाज करे।

  • सूरज ढलने से कम से कम 40 मिनट पहले भोजन करे।

  • सोने से पहले दूध, गुड या त्रिफला चूर्ण लेकर वात दोष ठीक किया जा सकता है।

  • फल जैसे नीम्बू, अंगूर, मौसमी, संतरा जैसे फल का जूस पिए। 

  • थोड़ी सी अजवाइन रो आधा चम्मच मेथीदाना रोज खाए।

  • गाय के घी का सेवन करे।



पित्त दोष क्या होता है

जल और अग्नि तत्व से मिलकर बना है पित्त दोष। ये एंजाइम और हॉर्मोन को कण्ट्रोल करता है। बॉडी का टेम्परेचर और पाचक अग्नि यही कण्ट्रोल करता है। अच्छी सेहत के लिए पित्त दोष का संतुलन में होना जरुरी है।

पित्त दोष में असंतुलन के कारण

सर्दी के बढ़ जाने के कारण।

  • नमकीन और तीखे खाद्य पदार्थ ज्यादा खाने के कारण।

  • बहुत ज्यादा मेंटल स्ट्रेस।

  • बहुत ज्यादा मेहनत करने के कारण।

  • हमेशा गुस्से में रहना। 

  • अधिक शराब पीना।

  • समय पर न खाना। 

  • अधिक सेक्स करना। 

  • छाछ, सरसों, तिल का तेल आदि का सेवन।

  • बकरी और भेड़ का मांस खाना और अधिक मछली खाना।



यह भी पढ़ें: स्ट्रेच मार्क्स दूर करने के घरेलु उपाय


पित्त बढ़ जाने के लक्षण


नींद कम आना।


  • ज्यादा थकावट होना। 

  • ज्यादा पसीना आना। 

  • स्किन का कलर डार्क होना ।

  • बॉडी से बदबू आना। 

  • गला और मुंह पकना। 

  • बहुत क्रोध आना।

  • चक्कर आना और बेहोशी होना। 

  • मुंह का स्वाद कड़वा होना। 

  • ज्यादा ठंडी चीजे खाना पसंद करना। 

  • नाख़ून, मल मूत्र, स्किन और आँखों का पीला होना।



पित दोष वाले क्या न खाए

काली मिर्च, मूली और कच्चे टमाटर न खाए।

  • सरसों के तेल और तिल का तेल इस्तेमाल न करे।

  • मूंगफली, काजू, अखरोट, पिस्ता, बिना छिले हुए बादाम न खाएं।

  • टमाटर और संतरे जा जूस न पिए। 

  • शराब और कॉफ़ी का सेवन न करे।



पित दोष को संतुलित करने के उपाय

जीवन शैली सुधारे।

  • पेट साफ़ रखे।

  • घी का सेवन करे।

  • खीर, गोभी, आलू, गाजर, हरी पत्ते वाली सब्जी और शिमला मिर्च खाए।

  • दालों का सेवन करे।

  • अंकुरित अनाज, एलोवेरा जूस,दलीय और सलाद खाए।

  • बॉडी की मसाज ठन्डे तेल से करे।

  • रोज कुछ देर छाया में चक्कर काटे।

  • तैराकी करें।

  • रोज स्नान करे।



कफ दोष क्या है?

जल और पृथ्वी से मिलकर कफ दोष बनता है। ये दोष व्यक्ति की इम्युनिटी क्षमता को बढाता है और साथ ही शरीर को मजबूत भी बनाता है। ये पेट और छाती में होता है।

कफ बढ़ने के कारण

मार्च और अप्रैल माह में छोटो बच्चों को सुबह के खाने के बाद कफ बढ़ता है। 

  • स्वभाव के कारण।

  • गलत खान पान।

  • चिकने, खट्टे और मीठी चीजे ज्यादा खाना ।

  • मांस-मछली का ज्यादा सेवन करना।

  • तिल से बनी चीजो का सेवन।

  • दूध, गन्ना और अधिक नमक का सेवन।

  • बहुत ठंडा पानी पीना

  • योग न करना।

  • आलसी होना।


कफ दोष बढ़ने के लक्षण


सुस्ती चढ़ना।

  • बार बार नींद आना।

  • बॉडी में भारीपन लगना।

  • पसीने और मल-मूत्र में चिपचिपापन होना।

  • बॉडी पीली सी लगना।

  • ऐसा लगना जैसे बॉडी  में कोई लेप लगा हो।

  • नका और आँखों में गंदगी आना।

  • खांसी और साँस लेने में तकलीफ होना।

  • डिप्रेशन होना।



कफ प्रकृति वाले क्या न खाए

मैदे से बनी चीजे न खाए।

  • खीर, टमाटर, एवोकैड़ो और शकरकंद न खाएं।

  • खजूर, केला, आम, अंजीर, तरबूज आदि न खाएं।



बिगड़े कफ दोष को संतुलित करने के उपाय

जीवनशैली और खानपान सुधारे।

  • गेंहूं, मक्का, राई, बाजरा, ब्राउन राइस का सेवन करे।

  • पालक, ब्रोकली, पत्तागोभी, शिमला मिर्च, हरी सेम फली, मटर, शिमला मिर्च, मुली, आलू और चुकंदर का सेवन करे।

  • सरसों के तेल और जैतून के तेल का प्रयोग करे।

  • गर्म और तीखे चीजे खाए।

  • पनीर और छाछ का सेवन करे।

  • कम नमक खाएं।

  • दालों का सेवन करे।

  • बॉडी मसाज करे।

  • गुनगुने पानी से रोज नहाएं।

  • धुप में कुछ देर जरुर टहलें।

  • योग करे।

  • गर्म कपड़े पहने।

  • ज्यादा चिंता न करे।

  • ज्यादा चिंता न करे।

  • ज्यादा देर आराम न करे।



यदि ज्यादा तकलीफ हो रही हो तो आप हमारे आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

सर्वश्रेष्ठ वैदिक विज्ञान संस्थान (एस्ट्रोलोक) से ज्योतिष ऑनलाइन सीखें जहाँ आप विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री आलोक खंडेलवाल से ज्योतिष सीख सकते हैं। इसके अलावा वास्तु पाठ्यक्रम, अंकशास्त्र पाठ्यक्रम, हस्तरेखा पढ़ना, आयुर्वेदिक ज्योतिष, और बहुत कुछ प्राप्त करें।निःशुल्क ऑनलाइन ज्योतिष पाठ्यक्रम उपलब्ध है।




यह भी पढ़ें: हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के घरेलु उपाय

Comments (0)

Asttrolok

Asttrolok

Admin

Consultants

Navneet Pandey

Navneet Pandey

Astrology Hindi, English Exp: 3+ Year
Arti Walia

Arti Walia

Astrology Hindi, English Exp: 5+ Year
Moumita

Moumita

Astrology, Numerology Hindi Exp: 4+ Year
Monika Khandelwal

Monika Khandelwal

Vastu Expert Hindi, English Exp: 7+ Year
Nikieta Dhanaani

Nikieta Dhanaani

Astrology, Numerology Hindi Exp: 4+ Year
Dr Pooja Garg

Dr Pooja Garg

Astrology Hindi, English Exp: 7+ Year
Jaya Baid

Jaya Baid

Astrology Hindi, English Exp: 5 Year
Priyank Limbachiya

Priyank Limbachiya

Astrology Hindi, English Exp: 4+ Year

Share

Share this post with others

GDPR

When you visit any of our websites, it may store or retrieve information on your browser, mostly in the form of cookies. This information might be about you, your preferences or your device and is mostly used to make the site work as you expect it to. The information does not usually directly identify you, but it can give you a more personalized web experience. Because we respect your right to privacy, you can choose not to allow some types of cookies. Click on the different category headings to find out more and manage your preferences. Please note, that blocking some types of cookies may impact your experience of the site and the services we are able to offer.